May 13, 2024
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Chat on WhatsAppराशि स्वामी – मंगल (पुरुष गृह)
वर्ग- क्षत्रिय
दिशा- पूर्व
जाती- पुरुष
तत्त्व- अग्नि
रंग- लाल – पीला
रक्त सम्बन्धी।
शरीर में यह राशि सिर और मस्तक पर प्रभाव डालती है।
चर स्वाभाव राशि है यानि इस राशि के व्यक्ति घूमना फिरना पसंद करते है या कार्य बदलते रहते है उन्हें परिवर्तन करते रहना अच्छा लगता है।
रात्रि बलि यानि रात में यह राशि बलि होती है। लग्न या चंद्र राशि मेष राशि हो और उस व्यक्ति का जन्म रात में हुआ हो तो राशि बलि हो जाती है और उस पर चन्द्रमा का विशेष प्रभाव रहता है। अल्पसंतति व्यक्ति होते है। इसका प्राकर्तिक स्वाभाव उत्सुकता, साहसी, अभिमानी और दोस्तों/मित्रों पर दया/कृपा रखने वाला होता है।
जिन लोगो की कुंडली में लग्न में मेष राशि हो या चन्द्रमा मेष राशि में हो (चंद्र राशि मेष) वो लोग ज्यादा लम्बे नहीं होते या मध्यम लम्बाई वाले होते है। शरीर में मोटापा नहीं होता, पतले और फिट (बहुत दुबले नहीं) होते है।तेज नज़र और घनी भोहे होती है। तेज मिजाज, शरीर में ऊर्जा वाले, जल्दी आवेश में आ जाने वाले लोग होते है। इसका कारण यह है की मेष राशि भी पुरुष राशि है और इसका स्वामी गृह मंगल भी पुरुष और गरम गृह है। ऐसे व्यक्तियों के स्वाभाव में जलन या ईर्ष्या पायी जाती है और चुगली करना भी इनके स्वाभाव में होता है घुमा कर बात करते है। ऐसे व्यक्ति जल्दी जल्दी अपने कार्य करना पसंद करते है और आशावादी होते है। प्रेम के विषय में ऐसे जातक कम सफल पाए जाते है। इस राशि में जन्मे लोग पहलवान, पुलिस या फ़ौज में भी होते है और हथियारो वाले कार्य जैसे सर्जन, इंजीनियर, मैकेनिक भी होते है।
कुंडली में मेष राशि और उसके स्वामी मंगल पर अगर अच्छी या शुभ दृष्टि या युति होती है तो ऐसे लोग और भी ज्यादा अच्छे प्रेमी, महत्वाकांशी, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच वाले हो जाते है, अगर अशुभ दृष्टि या युति हो तो लोग ज्यादा झगड़ालू और गुस्से वाले हो जाते है।
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